कोरबा । मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, इस सोच को जीते हुए कोरबा के युवा चिकित्सक डॉ. प्रिंस जैन ने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए बीते साल कोरबा की जनता को एक नई सौगात दी थी। आज ही के दिन 20 जुलाई 2025 को टी.पी नगर विशाल मेगा मार्ट के सामने मीना जैन मेमोरियल हॉस्पिटल के नाम से शुरू हुए इस चिकित्सा केंद्र को सफलतापूर्वक 1 साल पूरे हो गए हैं।

इस अस्पताल की नींव डॉ. प्रिंस जैन के पिता डॉ. प्रदीप जैन की दशकों की निस्वार्थ सेवा से रखी गई। डॉ. प्रदीप जैन ने अपने चिकित्सा सेवा और मिलनसार स्वभाव से कोरबा की जनता के बीच एक अलग पहचान बनाई है। पिता से मिली प्रेरणा और सेवा भाव को आत्मसात कर उनके सुपुत्र डॉ. प्रिंस जैन ने भी डॉक्टरी की पढ़ाई कर इसी पथ को चुना।
कोरोना काल में जब पूरा देश डरा हुआ था, तब डॉ. प्रिंस जैन कोरबा में अपने क्लीनिक व अस्पताल में दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटे रहे। उस कठिन समय में उन्होंने हजारों जिंदगियां बचाकर न सिर्फ डॉक्टर होने का फर्ज निभाया, बल्कि इंसानियत की मिसाल भी पेश की।

मां के नाम समर्पित अस्पताल
सेवा, समर्पण और मेहनत के बल पर आज डॉ. प्रिंस जैन ने कोरबा में एक ऐसा मुकाम खड़ा किया है जिसे कोरबा वासी मीना जैन मेमोरियल हॉस्पिटल के नाम से जानते हैं। ये नाम डॉ. प्रिंस की माता स्व. श्रीमती मीना जैन को समर्पित है। लेकिन कहा जाता है कि मां का आशीर्वाद हमेशा साथ रहता है। आज भी वो आशीर्वाद डॉ. प्रिंस और पूरे अस्पताल को आगे बढ़ने की शक्ति दे रहा है।

1 साल में भरोसे का प्रतीक बना अस्पताल
पिछले 1 साल में मीना जैन मेमोरियल हॉस्पिटल ने मरीजों को बेहतर इलाज, साफ-सफाई और मानवीय व्यवहार के साथ सेवा दी है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आने वाले समय में और भी अत्याधुनिक सुविधाएं कोरबा की जनता को उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।
डॉ. प्रिंस जैन ने 1 साल पूरा होने पर कोरबा की जनता, मरीजों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि "ये सफलता सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है जिन्होंने हम पर भरोसा किया। हमारा संकल्प है कि हम इसी सेवा भाव के साथ आगे भी काम करते रहेंगे।
MINAKSHI TIMES की संपादकीय टीम।
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