कोरबा। 5 जनवरी 2025 की वो रात कोरबा कभी नहीं भूल पाएगा। लालूराम कॉलोनी में सर्राफा व्यवसायी गोपाल राय सोनी की निर्मम हत्या ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था। इस सनसनीखेज मामले में कोर्ट ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर न्याय की मिसाल पेश की है।
प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गरिमा शर्मा ने साक्ष्यों के आधार पर आकाश पुरी, सूरज पुरी और मोहन मिंज को दोषी करार दिया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक टीकम साव ने दमदार पैरवी कर कोर्ट को दोष सिद्ध करने में मदद की।

क्या कहा कोर्ट ने - सजा का पूरा ब्यौरा
तीनों को BNS की कई धाराओं में दोषी पाया गया:
- हत्या - धारा 103(1) + 3(5): आजीवन कारावास + ₹500 जुर्माना
- डकैती का प्रयास - धारा 309(4) + 3(5): 7 साल सश्रम कारावास + ₹500 जुर्माना
- आपराधिक साजिश - धारा 61(2)(क): 5 साल सश्रम कारावास + ₹500 जुर्माना
- सबूत मिटाना - धारा 238(क): 5 साल सश्रम कारावास + ₹500 जुर्माना
- हमला - धारा 333 + 3(5): 3 साल सश्रम कारावासजुर्माना न भरने पर 4 से 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
पल-पल की कहानी: कैसे हुई वारदात
रात 9:40 बजे। गोपाल राय घर पर पत्नी के साथ थे। बेटा नचिकेता दुकान चला गया था।
ठीक इसी समय दीवार फांदकर 3 लोग घर में दाखिल हुए। ये थे - वर्तमान ड्राइवर आकाश, पूर्व ड्राइवर सूरज और आदतन अपराधी मोहन।
आरोपियों की मंशा सिर्फ चोरी की थी। उन्हें पता था दुकान की चाबी सूटकेस में रहती है। लेकिन प्लान तब बिगड़ गया जब माथा टेकने आए गोपाल राय ने मंदिर में छिपे सूरज को देख लिया। पहचान उजागर होने के डर से तीनों ने मिलकर धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
महज 19 मिनट... रात 9:59 बजे तक वो गोपाल राय की क्रेटा कार JH-01-CC-4455 और सूटकेस लेकर फरार हो चुके थे।

कर्ज से शुरू हुई खूनी साजिश
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आकाश कर्ज में डूबा था। सूरज को पता था कि सेठ के सूटकेस में दुकान की चाबी रहती है। बस इसी लालच में 25 दिसंबर को तीनों ने साजिश रची।
एक हफ्ते पहले रेकी करने भी आए थे, लेकिन घर में चहल-पहल देखकर लौट गए। वारदात के बाद सबूत मिटाने के लिए सूटकेस और हथियार नदी में फेंक दिए।
360 CCTV और एक खून की बूंद ने दिलाई जीत
इस केस को सुलझाना पुलिस के लिए आसान नहीं था। तत्कालीन आईजी डॉ. संजीव शुक्ला और एसपी सिद्धार्थ तिवारी की निगरानी में टीम ने 360 CCTV फुटेज खंगाले।
शाम 7:36 बजे दीवार कूदकर घुसते संदिग्ध और रात 10:59 बजे कार से निकलते लोग कैमरे में कैद हुए। परसाभाठा मार्ग पर मिली कार और पार्किंग तक मिली खून की बूंदों ने पुलिस को मोहन तक पहुंचाया। पूछताछ में उसने सारा राज खोल दिया।
इसके बाद आकाश और मोहन को कोरबा से, जबकि सूरज को मुंबई से गिरफ्तार किया गया। गोताखोरों की मदद से नदी से सूटकेस-हथियार और खून से सना जूता भी बरामद हुआ।
MINAKSHI TIMES की संपादकीय टीम।
जिले के मृत्युंजय शर्मा, मनीष सिंह, अभिषेक कुमार दुबे, सहित 18 रेंजर पदोन्नत किए गए, विभाग में हर्ष व्याप्त
कोरबा निगम की MIC में बड़ा विस्तार, 5 नए चेहरों को जगह महापौर संजूदेवी राजपूत ने बढ़ाया परिषद का दायरा, अब 14 सदस्य संभालेंगे विभागों की जिम्मेदारी
बिना चीरे के लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से महिला को मिली नई जिंदगी, शिवाय हॉस्पिटल बना जिले का प्रथम अस्पताल
बालको ने ‘वरदान’ अपार्टमेंट का किया उद्घाटन, युवा कर्मचारियों को मिला नया आवास
विधायक फूल सिंह राठिया ने कलेक्टर को लिखा पत्र, इलेक्ट्रॉनिक सिटी बस सेवा शुरू करने की मांग
बालको ने डिजिटल कंट्रोल टावर्स के माध्यम से प्रचालन को बनाया अधिक स्मार्ट
टिप्पणियाँ