▪ Tuesday, 27 October 2026 स्थान पहचान रहे हैं...
ब्रेकिंग न्यूज़ 44 वर्षों से आस्था का केंद्र: टीपी नगर की बंगाली चाल में गूंज रहे मां दुर्गा के जयकारे · कोरबा जिला जेल में भी गूंजी माता के जयकारे, 22 बंदियों ने रखे नवरात्रि व्रत · माइंस में चल रही MP पासिंग स्टाफ बस पर परिवहन विभाग की कार्रवाई, 50 हजार का चालान · 12 हजार से अधिक ज्योति कलशों से जगमगाया मां सर्वमंगला का दरबार, नवरात्रि के पहले दिन उमड़ी आस्था की भीड़ · जिले में साइबर चौपाल का आयोजन, मंत्री लखन लाल देवांगन ने दिलाई साइबर सुरक्षा की शपथ सभी ब्रेकिंग न्यूज़ देखें
न्यूज़

महिला कर्मचारियों ने संभाली बालको की 24 घंटे सुरक्षा की कमान

कोरबा ।बालकोनगर कभी सुरक्षा को केवल शारीरिक शक्ति से जोड़कर देखा जाता था और महिलाओं को सुरक्षा की आवश्यकता वाले वर्ग के रूप में माना जाता था। लेकिन समय के साथ यह सोच बदल रही है। आज महिलाएं केवल अपनी सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में भी नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। यही बदलाव बालको के सेंट्रल सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (सीएसओसी) में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जिसे अब पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित शी-एसओसी (सिक्योरिटी हार्मनी एंड एक्सीलेंस) के रूप में विकसित किया गया है। यह रूढ़िवादी धारणाओं से आगे बढ़कर एक ऐसी आधुनिक सुरक्षा संस्कृति को दर्शाती है, जिसमें शारीरिक शक्ति से अधिक योग्यता, सतर्कता, तकनीकी दक्षता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को महत्व दिया जाता है।

बालको का सीएसओसी कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य नियंत्रण केंद्र है। यह केंद्र दिन-रात, पूरे सप्ताह लगातार संचालित रहता है। संयंत्र परिसर में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, सुरक्षा अलर्ट का विश्लेषण, किसी भी आपात स्थिति में त्वरित समन्वय, सुरक्षा टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना और महत्वपूर्ण निर्णयों में सहयोग जैसी सभी जिम्मेदारियां अब महिलाओं की टीम निभा रही है। यह केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि महिलाओं की क्षमता, नेतृत्व और पेशेवर दक्षता पर संगठन के विश्वास का प्रतीक है।

औद्योगिक सुरक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे वातावरण में धैर्य, बारीकियों पर ध्यान, तार्किक सोच और बेहतर संवाद कौशल जैसी विशेषताएं बेहद महत्वपूर्ण हो जाती हैं। महिलाओं की भागीदारी इन सभी पहलुओं को और मजबूत बनाती है तथा सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाती है।

शी-एसओसी की प्रभारी वर्षा द्विवेदी बताती हैं कि बालको ने उन्हें सुरक्षा संचालन का नेतृत्व करने का अवसर और विश्वास दिया है। आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों, नवीन तकनीकों और नियमित प्रशिक्षण के कारण उनका आत्मविश्वास लगातार बढ़ा है। उनके अनुसार, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने से निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हुई है और संगठन की महिला सशक्तिकरण की सोच ने उन्हें नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया है। उनका कहना है कि महिलाएं भी सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में पूरी जिम्मेदारी और आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व कर सकती हैं।

रेखा श्रीवास्तव का मानना है कि अब समय आ गया है कि सुरक्षा क्षेत्र में महिलाओं को लेकर बनी पुरानी धारणाओं को बदला जाए। उनके अनुसार, सुरक्षा केवल शारीरिक शक्ति का विषय नहीं है। इसमें सतर्कता, अनुशासन, ईमानदारी, प्रभावी संवाद और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है। महिलाओं ने अपने कौशल, प्रशिक्षण और समर्पण के माध्यम से बार-बार यह सिद्ध किया है कि किसी भी जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाने की क्षमता लिंग नहीं, बल्कि योग्यता और मेहनत से तय होती है।

पूजा टंडन का कहना है कि इस क्षेत्र में हर दिन नई चुनौतियां सामने आती हैं, जो कुछ नया सीखने और बेहतर बनने का अवसर देती हैं। सीएसओसी में तकनीक और सुरक्षा संचालन के साथ काम करने का अनुभव उनके पेशेवर जीवन को और अधिक समृद्ध बना रहा है। उनके अनुसार, जब किसी आपात स्थिति में सही समय पर लिया गया निर्णय किसी बड़े जोखिम को टाल देता है, तब अपने कार्य की वास्तविक सार्थकता का एहसास होता है।

बालको का शी-एसओसी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि विविधता, समान अवसर और योग्यता पर आधारित कार्य संस्कृति किसी भी संगठन को अधिक सक्षम बनाती है। महिलाओं के नेतृत्व में संचालित यह सुरक्षा नियंत्रण केंद्र न केवल उनकी क्षमता और नेतृत्व कौशल को नई पहचान देता है, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि सही अवसर, प्रशिक्षण और विश्वास मिलने पर महिलाएं किसी भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को सफलता के साथ निभा सकती हैं। आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की यह भागीदारी बदलती सोच, समावेशी कार्य संस्कृति और सशक्त नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है।

In-content Rectangle Ad · 728x90
महिला कर्मचारियों ने संभाली बालको की 24 घंटे सुरक्षा की कमान
Video Ad · Pre-roll / Mid-roll Ready
B
Birju bala

MINAKSHI TIMES की संपादकीय टीम।

टिप्पणियाँ

Comments are disabled for this post.

More News

शरद पूर्णिमा पर कोरबा में भक्ति की धूम: घर-घर हुई मां लक्ष्मी की पूजा, कोलकाता फ्लावर डेकोरेशन में 13 साल से जारी है परंपरा1 day ago 43 साल की परंपरा: बंगाली चाल में सिंदूर खेल कर महिलाओं ने दी मां दुर्गा को विदाई, नम हुईं आंखें3 days ago 44 वर्षों से आस्था का केंद्र: टीपी नगर की बंगाली चाल में गूंज रहे मां दुर्गा के जयकारे1 week ago बालको के पोषण माह अभियान से बाल पोषण के प्रति बढ़ी सामुदायिक जागरूकता1 week ago कोरबा जिला जेल में भी गूंजी माता के जयकारे, 22 बंदियों ने रखे नवरात्रि व्रत2 weeks ago माइंस में चल रही MP पासिंग स्टाफ बस पर परिवहन विभाग की कार्रवाई, 50 हजार का चालान2 weeks ago 12 हजार से अधिक ज्योति कलशों से जगमगाया मां सर्वमंगला का दरबार, नवरात्रि के पहले दिन उमड़ी आस्था की भीड़2 weeks ago प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत छह महिला कृषक सम्मानित2 weeks ago